4 Best Moral Stories In Hindi For Class 10

Moral Stories In Hindi For Class 10

Hello all of you my name is Vishwas. Today I am going to tell you some interesting moral stories in hindi for class 10. 
Moral Stories In Hindi For Class 10

This hindi stories are so much interesting and learnable. Some of this stories are short hindi stories , tenali rama hindi stories and other also. 

So let's start reading moral stories in hindi :- 

4 Moral Hindi Stories For Class 10


1. जादुई बर्तन ( Hindi Moral Story For Class 10 )

Hindi Stories For Class 10

एक बार तारा नाम की छोटी सी लड़की थी। वहां अपनी माता के साथ रहती थी। वह बहुत गरीब थे। एक दिन वह जंगल को गई। वहां पर उसे एक बूढ़ी औरत मिली। 

बूढ़ी औरत ने उसे एक बर्तन दिया। उसने कहा, " यह एक चमत्कारी जादुई बर्तन है यह तुम्हारे लिए दलिया पकाएगा जब तुम कहोगी ,  पकाऊ- बर्तन- पकाओ और यह दलिया बनाना बंद कर देगा जब तुम कहोगी रुको- बर्तन-रुको।"

तारा बहुत खुश थी। वह भागती हुई ( दौड़ती हुई ) अपनी माता के पास गई और कहां " माता ,  अब हम और लंबे समय तक भूखे नहीं रहेंगे क्योंकि मैंने एक चमत्कारी बर्तन प्राप्त किया है।

तारा ने बर्तन से कहा -  "पकाओ बर्तन पकाओ" और बर्तन ने दलिया पका दिया, उसकी माता बहुत खुश थी और दोनों ने दलिया खाया।

एक दिन जब तारा बाहर चली गई,  उसकी माता को भूख लगी उसने बर्तन से कहा "पकाओ बर्तन पकाओ" बर्तन ने दलिया पकाना आरंभ कर दिया। खाने के पश्चात उसकी माता सही शब्दों को भूल गए और कहा "बर्तन मत पकाओ।"

इतना कहने के बाद भी बर्तन पकाता रहा शीघ्र ही दलिया फर्श से ऊपर आना आरंभ हो गया। माता ने पुनः कहा "  ठहरो और ज्यादा मत पकाओ" परंतु बर्तन नहीं रुका।

माता घर से बाहर दौड़ी और दलिया ने उसका पीछा किया। शीघ्र दलिया प्रत्येक जगह पर था। पूरे गांव नें यह देखा। पूरा गांव दलिया खाने के लिए दौड़े।

जब तारा वापस लौटी उसने देखा कि सड़क दलिए से भरी हुई थी वह घर की तरफ दौड़ी जितना तेज वह दौड़ सकती थी। 

तारा ने माता को चिल्लाते हुए सुना , " तारा यह बर्तन पका रहा है और यह रुकता नहीं है।"

तारा ने पुकारा " रुको बर्तन रूको " और बर्तन ने दलिया पकाना बंद कर दिया।

शिक्षा :-  जिस वस्तु के बारे में पूरी जानकारी ना हो उसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।  


2. अनोखे मित्र ( Moral Stories In Hindi For Class 10 )

Story In Hindi For Class 10

एक बार, एक गुलिवर नाम का नाविक था। वह अपने साथी यात्री के साथ एक लंबी यात्रा पर गया। एक दिन समुद्र में एक भयानक तूफान आया था।

उसका जहाज डूब गया लेकिन गुलिवर तैरकर द्वीप के समीप आ गया। यह लिलीपुट दिप था। वह बहुत थका हुआ था। जब वह वहां पहुंचा वह जल्दी से सो गया।

जब वह सो रहा था तो सौ छोटे लोग वहां आए और उसे रस्सियों से बांध दिया। जब वह जागा वह उन छोटे लोगों को देखकर विस्मित हुआ लेकिन जल्दी ही वह छोटे लोग उनका मित्र बन गए।

उन्होंने रसिया खोल दी और उसे भोजन दिया। उनकी पावरोटी इतनी छोटी थी कि उसने एक समय में 10 पाव रोटी खा ली। एक दिन के भोजन उसने 1000 पावरोटी सौ फूल गोभी और सौ भीड़ खा खाली।

छोटे लोग उसे अपने राजा और रानी के पास ले गए। राजा का हाथ इतना छोटा था कि उसे हिलाने के लिए उसने केवल अपनी एक उंगली का प्रयोग किया। सब कुछ इतना छोटा था कि वह लिलीपुट के छोटे लोगों के बीच एक राक्षस के समान लग रहा था।

यह छोटे लोग बहुत ही दयालु और सहायक थे। उन्होंने उसके लिए एक नाव बनाई। यह समय था जब गुलिवर को अपने घर जाना था। वह भी अपने प्यारे दोस्तों को छोड़ते समय दुखी था।

इसलिए वह नाव में बैठ गया और चल दिया। जैसे ही छोटे लोगों ने बहते हुए उसे अलविदा कहा वह नदी में गिर गया और वह मर गया। उसके नदी में गिरने का कारण यह था कि छोटे लोग ने जो नाव बनाई थी वह भी बहुत छोटी थी और वह उसका वजन सह नहीं पाई।


3. तेनालीराम का ऊंट ( Hindi Story Of Tenali Raman )

Story For Class 10 in Hindi

एक बार राजा कृष्णदेव राय तेनाली रमन की हाजिर जवाब टिप्पणी से बहुत प्रभावित हुए। वे इतने खुश हुए थे कि उन्होंने कहा , " तेनाली आज तुमने मुझे खुश कर दिया है। मैं तुम्हें एक संपूर्ण कस्बा उपहार के रूप में देता हूं।

तेनाली ने धन्यवाद के साथ नतमस्तक किया। अनेक दिन गुजर गए परंतु राजा ने अपने वायदे में कुछ नहीं किया वास्तव में वह अपना वादा भूल चुका था। तेनालीराम ने राजा के वायदे को याद दिलाना विचित्र महसूस किया परंतु वह हमेशा राजा को अपना वादा याद दिलाने का एक मौका खोज रहा था।

एक दिन एक अरबी ने विजयनगर की यात्रा की। वह अपने साथ एक उूंट लाया था। बहुत लोग ऊंट को देखने के लिए एकत्र हो गए क्योंकि उन्होंने इस जानवर को पहले कभी नहीं देखा था। राजा कृष्णदेव राय और तेनाली रमन भी इस अद्भुत जानवर को देखने गए।

राजा ने ऊंट को देखा और कहा , " वास्तव में ऊंट एक अद्भुत जानवर है। इसकी इतनी लंबी गर्दन और उसकी पीठ पर कूबड़ है। मुझे आश्चर्य है कि भगवान ने इतना अदभुत और कुरूप जानवर क्यों बनाया "?

इस प्रकार तेनाली को भी मौका मिला जिसके लिए वह लंबे समय से इंतजार कर रहा था। जैसा कि वह हमेशा अपना हाजिर जवाब उत्तर के लिए तैयार रखता था।

 तेनाली ने कहा , " महाराज मैं सोचता हूं कि यह ऊंट पिछले जन्म में एक राजा था। उसने किसी से वायदा किया होगा कि वह उसे एक कस्बा देगा और अपने वायदे के बारे में भूल गया हो तभी भगवान ने अवश्य राजा को इस कुरूप में बदल दिया दंड के रूप में।"

ऐसा कहने से तब राजा को ज्ञान हुआ कि तेनालीराम ने उसे उस वायदे को याद दिलाया था जो उसने पूरा नहीं किया था। राजा अपने महल लौटा और अपने मुनीम को तेनाली रमन के लिए कस्बा उपहार देने की व्यवस्था करने को कहा।

इस प्रकार इस व्यवस्था को तभी क्रिया अंतरित किया गया है। तेनाली रमन ने एक बार पुनः उसकी हाजिर जवाबी और बुद्धिमता से उसे लाभ प्राप्त हुआ। इसके बाद वह राजा को धन्यवाद दिया और चला गया।


4. शिकारी का वफादार कुत्ता

Class 10 Moral Stories in Hindi

एक बार की बात है एक शिकारी था। वह एक गांव में रहता था। उसके पास अपना एक उसका पालतू कुत्ता भी था। वह कुत्ता शिकारी का काफी अधिक वफादार था। एक दिन वह शिकारी अपनी पत्नी के साथ शहर गया।

उसने अपने बेटे को अपने घर पर ही कुत्ते की रखवाली में छोड़ दिया। शिकारी के जाने के बाद। वहां पर अचानक एक लोमड़ी आ गया। वह घर के अंदर घुसा और शिकारी के लड़के पर आक्रमण कर दिया। 

उस कुत्ते ने उस लोमड़ी को पकड़ लिया और उसे लड़ते हुए लोमड़ी को मार गिराया।

शाम की वक्त जब शिकारी और उसकी पत्नी शहर से वापस अपने घर लौटी। उन्होंने देखा कि कुत्ता घर के बाहर बैठा हुआ था और अपने मालिक का इंतजार कर रहा था। जब उसने मालिक को देखा तो वह उसके पैर चाटने लगा।

जब उस शिकारी ने उस कुत्ते के मुंह में खून के निशान देख तो वह चौक गया। शिकारी सोचने लगा कि कुत्ते ने उसके बेटे को मार दिया। शिकारी बहुत ही गुस्से में आ गया और उसने अपनी बंदूक उठाई और उस कुत्ते को मार डाला।

जब शिकारी और उसकी पत्नी अंदर पहुंचे तो उसने देखा कि उसका लड़का तो सुरक्षित है और वहीं पास में एक लोमड़ी मरा हुआ है।

इतना सब देखने के बाद शिकारी समझ गया कि कुत्ते ने ही उसके बेटे की जान बचाई है लोमड़ी को मारकर। शिकारी बहुत जोर जोर से रोने लगा कि उसने अपने इतने वफादार कुत्ते क्यों क्यों मार दिया। इसी गम में शिकारी उदास रहने लगा।

शिक्षा :-  हमें बिना सोचे समझे कोई भी कदम नहीं उठाना चाहिए।


So that's all for today hope you all like this moral stories in hindi. Meet you again in next article with some other stories.

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