कौए की नादानी - हिन्दी कहानी | Hindi Short Stories

Hindi Short Story

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कौए की नादानी - हिन्दी कहानी 


एक पहाड़ की सबसे ऊंची चोटी पर एक गरुड़ रहता था। उसी पहाड़ की तलहटी में एक बड़ा बरगद का पेड़ था। उस पेड़ पर एक कौआ अपना घोंसला बनाकर रहता था।

एक दिन तलहटी में कुछ भेड़ें घास चर रही थी। गरुण की नजर एक छोटे मेमने पर पड़ी। वह पहाड़ की चोटी से उड़ा। तलहटी में आकर उसने ममनेे पर झपट्टा मारा।

उसे अपने चंगुल में लेकर उड़ते हुए व फिर से अपने घोंसले में लौट गया।

गरुड़ काया करतब देखकर कौआ जोश में आ गया। उसने सोचा-" अगर गरुड़ ऐसा पराक्रम कर सकता है, तो मैं क्यों नहीं कर सकता।"

अगले दिन कौवे ने भी एक मेमने को तलहटी में चढ़ते देखा। उसने भी गरुड़ जैसी उड़ान भरी। आसमान में जितना ऊपर जा सकता था वह गया।

अब उसने मेमने को पकड़ने के लिए गरुड की तरह जोर से झपट्टा मारा। लेकिन मैंने तक पहुंचने से पहले वह एक चट्टान से जा टकराया उसका सिर फूट गया और उसके प्राण निकल गए।


शिक्षा- हमें अपनी शक्ति के अनुसार ही कार्य करना चाहिए।

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