Moral Stories in Hindi For Class 1, 2 and 3

Moral Stories In Hindi For Class 3


Welcome all of you to my new article. Today I am going to give you the collection of moral stories in hindi for class 1, 2 and 3. 

The stories which I am going to tell you are moral stories in hindi. Parents can tell their children this story as Bedtime Stories in hindi also.

So let's start the learnable and very interesting moral stories.

1. किसान का एहसान ( Moral Stories In Hindi For Class 1)



एक बार की बात है, लक्ष्मीपुर नामक गांव में एक बूढ़ा किसान रहता था। उसे एक दिन शहर जाने की इच्छा हुई। शहर में उसके बेटे बहू आदि रहते थे।


वह शहर की ओर निकल पड़ा। उसने एक झोला लिया हुआ था। उस झोले में उसने खाने पीने का समान रखा था। 


वह किसान काफी गरीब था इसलिए उसके पास पैसे कम थे पैदल ही शहर की ओर जा रहा था।


कुछ दूर चलने के बाद वह थक गया उसे प्यास लगने लगी। उसने झोले में से पानी की बोतल निकाली और उसे पिया।


शाम होने ही वाली थी बूढ़ा आदमी सोचने लगा की अगर मैं जल्दी शहर नहीं पहुचुंगा तो रात हो जाएगी फिर मैं रात में कहां रहूंगा।


उसी वक्त वहां से एक आदमी अपनी मोटर गाड़ी लेकर जा रहा था। किसान ने सोचा इस आदमी से पूछता हूं कि क्या यह मुझे शहर तक छोड़ देगा।


किसान ने गाड़ी को रोका और पूछा की - "क्या आप मुझे शहर तक छोड़ देंगे।"


गाड़ी वाले ने उत्तर दिया - " मैं तुम्हें क्यों छोडूं मैं तुम्हारा नौकर हूं क्या।" 


वह आदमी अपनी गाड़ी लेकर चला गया। बूढ़ा आदमी भी किसी तरह रात बीता कर अगले दिन अपने बेटे के घर पहुंच गया।


उस बूढ़े आदमी का बेटा एक कंपनी का मालिक था। वह अपने  पिताजी से काफी प्रेम करता था। 


अचानक एक दिन वह गाड़ी वाला आदमी उस बूढ़े किसान के बेटे से मिलने आया। बूढ़े किसान ने देखते ही पहचान लिया की यह तो वही आदमी है।


असल में वह गाड़ी वाला आदमी उस बूढ़े किसान के बेटे की कंपनी में गाड़ी चलाता था।


उस गाड़ी वाले आदमी ने सोचा कि यह मैंने क्या कर दिया मुझे इनकी मदद करनी चाहिए थी अगर इन्होंने अपने बेटे से से कह दिया तो मेरी नौकरी चली जाएगी।


बूढ़ा किसान दिल का बहुत अच्छा था। उसने अपने बेटे को कुछ नहीं कहा।


बाद में एक दिन उस गाड़ी के ड्राइवर ने उस बूढ़े किसान से हाथ जोड़कर माफी मांगी कि मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था माफ कर दीजिए।


किसान ने उसे माफ कर दिया और कहा अगर संभव हो तो हमें हमेशा दूसरे की मदद करनी चाहिए।



शिक्षा -  हमें यथासंभव दूसरे की मदद करनी चाहिए।


2. बंदर से मित्रता ( Moral Stories In Hindi For Class 2)




एक बार की बात है एक बहुत बड़े साम्राज्य का राजा था। उसका नाम राजा चंद्र था। उसकी सेना में एक से बड़े एक योद्धा, हथियार, विशालकाय जानवर जैसे हाथी आदि थे।


इन सबके अतिरिक्त उसके पास एक बंदर था जो उस राजा को बहुत प्यारा था। वह बंदर हमेशा राजा के साथ ही रहता था।


राजा भी उसे बहुत प्रेम करता था। वह बंदर राजा के साथ ही खाता था, रहता था, सोता था। राजा भी उस बंदर को सबसे अच्छे केले खिलाता था।



एक दिन रात में राजा सो रहा था। बंदर को नींद नहीं आ रही थी इसलिए वह जगा हुआ था। तभी एक मक्खी आकर बंदर को परेशान करने लगी।


बंदर भी उस मक्खी को मारने के लिए इधर-उधर छलांग लगाने लगा अपने पंजे मारने लगा। परंतु वह मक्खी को पकड़ नहीं पा रहा था।

वह मक्खी उड़कर एक जगह से दूसरे जगह चली जा रही थी।

कुछ देर ऐसा ही चलता रहा। इसके बाद बंदर भी थक गया था। तभी वह मक्खी जाकर राजा के नाक पर बैठ गए।

बंदर ने सोचा की यह मक्खी ने राजा के पर बैठकर उनकी नींद मैं बाधा उत्पन्न की है। यह तो सजा की भागी है।

उसने एक तलवार उठाई और राजा के नाक पर उस तलवार से वार कर दिया। वह मक्खी तो उड़ गई पर राजा की नाक कट गई और खून बहने लगा।

राजा ने उठकर देखा तो बंदर मक्खी को मारने के लिए तलवार लेकर इधर-उधर छलांग लगा रहा था।

राजा को गलती का पछतावा हो गया। उन्होंने मन में कहा कि जानवरों से दोस्ती करने का यही फल होता है। उन्होंने अगले ही दिन उस बंदर को जंगल में भिजवा दिया।

शिक्षा -  अपने से सामान प्राणी से दोस्ती करनी चाहिए जो की समझदार हो।



3. चिंटू की शरारत ( Moral Stories In Hindi for class 3 )


चिंटू नाम का एक छोटा लड़का था। वह बहुत शरारती और चालाक था। वह सबको अपनी होशियारी दिखाने के चक्कर में रहता था।

1 दिन चिंटू नाई की दुकान से आगे से गुजर रहा था। एकाएक उसे नाई से मजाक करने की सूझी। वह नाई की दुकान में गया और शीशे के सामने कुर्सी पर बैठ गया।

नाई ने पूछा - " क्यों चिंटू बाल कटवाने हैं?"

चिंटू ने शान से कहा - " नहीं जी, जरा मेरी दाढ़ी बना दो।"

नाई चिंटू की शैतानी समझ गया। उसने गर्दन हिलाते हुए कहा - " हां, हां, जरूर बनाऊंगा, चिंटू राजा।"

उसके बाद नाई ने चिंटू के कंधे पर तोलिया लपेट दिया। उसने ब्रश लिया और उसके चेहरे पर झागदार क्रीम लगा दी। फिर वह अपने अन्य कामों में लग गया।

चिंटू ने काफी समय तक इंतजार किया। किंतु नाई ने उसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। अब चेहरे पर साबुन पोते ज्यादा देर तक बैठे रहना उसके लिए मुश्किल हो गया।

उसने नाई से नाराज होते हुए कहा- " आखिर कब तक मुझे इस तरह बैठाए रखोगे।"

यह सुनकर नाई हंस पड़ा और बोला - " जरा रुको चिंटू राजा!  अभी मैं तुम्हारी दाढ़ी उगने का इंतजार कर रहा हूं।


शिक्षा -  हंसी मजाक अपने हमउम्र मित्रों के साथ ही करना चाहिए।


Moral Stories In Hindi For Class 3


4. दाढी में तिनका ( Akbar And Birbal Story)


बात पुरानी है। एक दिन बादशाह अकबर ने सोचा कि क्यों ना बीरबल को थोड़ा सा परेशान किया जाए! बीरबल, बादशाह अकबर के दरबार में उनके मुख्य सलाहकार और मंत्री थे।

 बादशाह ने अपनी ही अंगूठी अपने एक सेवक को छिपाने के लिए दे दी।

थोड़ी देर बाद बीरबल दरबार में आए तो बादशाह ने उनसे कहा, " बीरबल हमारी अंगूठी कहां खो गई है। सुबह तो हमारे पास थी। नहाने के लिए जाते समय उतारी थी। जरूर महल के ही किसी आदमी ने हमारी अंगूठी चुराई है। अब तुम ही चोर का पता लगाओ।"

बीरबल चुपचाप बादशाह की बात सुनते रहे हैं। फिर उन्होंने बादशाह से पूछा, " महाराज! नहाने से पहले आपने अंगूठी कहां रखी थी?"

बादशाह ने एक अलमारी की ओर इशारा किया। बीरबल अलमारी के पास गए।

 वे अलमारी से कान लगाकर खड़े हो गए। मानो अलमारी की बातें सुन रहे हो। थोड़ी देर बाद उन्होंने कान हटा लिया।

कुछ सोच कर बीरबल ने कहा, " महाराज!  अलमारी बता रही है कि जिसके पास अंगूठी हैं, उसके दाढ़ी में तिनका है।"

बीरबल की बात सुनते ही वह सेवक डर गया। वह अपनी दाढ़ी को टटोलने लगा। बीरबल पहले से ही तैयार बैठे थे।

बीरबल ने उस सेवक को पकड़ लिया। बीरबल ने अकबर से कहा, " यही है आपकी अंगूठी का चोर।"

अकबर तो पहले से ही जानते थे। बीरबल की चतुराई से बहुत खुश हुए उन्होंने बीरबल को सच्चाई बताई और इनाम भी दिया।

शिक्षा -  किसी समस्या के समाधान में सूझबूझ से काम लेना चाहिए।


5. खरगोश और कछुआ ( Bedtime Stories In Hindi )


एक बार की बात है एक जंगल में दो मित्र खरगोश और कछुआ रहते थे। दोनों खरगोश और कछुए में गहरी मित्रता थी।

खरगोश काफी घमंडी था और वह सोचता था कि मैं काफी तेज दौड़ता हूं और कछुए की मुझे हराने की हिम्मत नहीं है।

एक दिन खरगोश ने कछुए से कहा - " चलो आज हम दोनों लोग दौड़ करते हैं। जो भी इस दौड़ को जीतेगा  उसे एक बहुत बड़ा इनाम मिलेगा।"

खरगोश ने कछुए से कहा था कि 2 घंटे बाद हम लोग दौड़ शुरू करेंगे। धीरे-धीरे यह खबर पूरे जंगल में फैल गई की कछुए और खरगोश की दौड़ होने वाली है। जंगल के सभी जानवर इकट्ठा हो गए।

संकेत के साथ दौड़ शुरू हुई। खरगोश काफी तेज भाग रहा था वह काफी आगे निकल गया और कछुआ बहुत धीरे धीरे चल रहा था इसलिए वह काफी पीछे था।

कुछ दूर पहुंचने के बाद खरगोश ने सोचा की अभी तो कछुआ पीछे हैं  उसे आने में काफी समय लगेगा। इसलिए खरगोश एक पेड़ के पीछे आराम करने लगा। आराम करते करते खरगोश को नींद आ गई और वह वही सो गया।

कछुआ भी सोच रहा था कि अभी तक तो खरगोश बहुत आगे चला गया होगा। परंतु कछुए ने हार नहीं मानी। वह धीरे-धीरे ही चलता रहा।

आगे जाने पर उसने देखा कि खरगोश तो पेड़ के पीछे सो रहा है। इसके बाद कछुआ बहुत खुश हुआ और वह धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया। अंत में कछुआ उस दौड़ को जीत गया।

जंगल के सभी जानवरों ने उसका अभिवादन किया। सब आश्चर्यचकित हो गए की कछुआ यह दौड़ कैसे जीत गया।

जब खरगोश उठा तो वह समझ गया था की वह दौड़ हार गया है। उसके अहंकार ने उसे हरवा दिया।

बाद में सभी जंगल के जानवरों ने खरगोश का बहुत मजाक बनाया। वह हमेशा खरगोश को चिढ़ाते रहते थे की यह खरगोश कैसा जो कछुए से हार गया।

शिक्षा -  आत्मविश्वास अच्छा परंतु अहंकार नहीं।


If you want you can here the other story from the video given below.

Source : Youtube


Hope that you all like the above moral stories for class 3.

 If you like then don't forget to read the other stories also available here.

Meeting you again with some more hindi stories for kids in next article. 

Till then good bye and keep learning.

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