खरगोश की होशियारी - हिन्दी कहानी | Hindi Short Stories

Short Hindi Story With Moral

Hindi Story For Kids on Rabbits

खरगोश की होशियारी - हिन्दी कहानी


एक दिन जंगल में शेर ने सभा बुलाई। सभी जानवर शेर के पास जमा हुए। उसी समय शेर ने जँभाई ली और पास बैठे भेड़िए से पूछा- " बता, मेरे मुंह से बदबू आ रही है या खुशबू?"

भेड़िया बोला- " आप तो जंगल के राजा हैं। आपके मुंह से तो हमेशा खुशबू ही आती है।"

यह सुनकर शेर क्रोध से बोला-" अभी मैंने भेड खाई है और तू कहता है, मेरे मुंह से खुशबू आ रही है।" यह कह कर शेर ने क्रोध में एक पंजा मारा और उसे मारकर खा गया।

अगले दिन शेर की सभा फिर लगी। शेर ने फिर जँभाई और उसके नजदीक बैठी लोमड़ी से पूछा- " बता, मेरे मुंह से खुशबू आ रही है या बदबू?"

लोमड़ी बोली-" महाराज आपके मुंह से तो बहुत बदबू आ रही है।"

यह सुनकर आग बबूला हो गया। वह बोला- " तेरी इतनी हिम्मत कि यह कहे मेरे मुंह से बदबू आ रही है।" इतना कह कर शेर क्रोध में उसे भी मार कर खा गया।

अगले दिन शेर ने फिर सभा बुलाई। उसने सभी जानवरों को घूर कर देखा, फिर जँभाई ली। आज उसके पास एक खरगोश बैठा था।

उसने खरगोश से पूछा- " बता मेरे मुंह से खुशबू आ रही है या बदबू?"

 खरगोश बहुत समझदार था। उसने काफी समझदारी से काम लिया।

वह बोला- " महाराज! आज तो मुझे जुखाम है, मैं कुछ सुँघ नहीं पा रहा हूं।"  यह सुनकर शेर कुछ बोल नहीं सका। बस मुस्कुरा कर रह गया।

शिक्षा: शक्तिशाली को बुद्धि बल से ही जीता जा सकता है।


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