5+ Short Stories In Hindi

Short Story In Hindi

Hello all of you welcome again. Today I am going to give you some short hindi stories.

Short Stories In Hindi
Short Stories In Hindi

This short stories in hindi are so much interesting and learnable and valuable also. This gives so much learning to those children's who likes to read short story in hindi.

1. अनजान पर विश्वास ( Short Hindi Story)

Hindi short story

एक बार की बात है। एक गांव में एक बड़ा सा मंदिर था। वहां पर रोज हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आया करते थे।

उस मंदिर में एक पुजारी थे। पुजारी जी वहां आए श्रद्धालुओं को दर्शन कराते थे तथा वह श्रद्धालुओं के पूजा पाठ का भी इंतजाम करते थे। इसके लिए उन्हें दक्षिणा मिलती थी।

धीरे धीरे दक्षिणा के पैसों कोे जमा करते करते। पंडित जी के पास खूब सारा धन हो गया। वह बहुत धनवान हो गए। वह हमेशा अपने सारे पैसे को एक पोटली में रखते थे।

कुछ दिन से एक चोर पंडित जी की पोटली पर नजर रख रहा था। वह चोर पोटली को चुराना चाहता था।

एक दिन उसने पंडित जी से जाकर कहा - " पंडित जी आप मुझे अपना शिष्य बना लीजिए।"

पंडित जी उस लड़के की विनम्रता देखकर प्रसन्न हुए और उसे अपना शिष्य बना दिया।

एक दिन पंडित जी के एक दूसरे शिष्य ने जो कि दूसरे क्षेत्र में रहता था पंडित जी को बुलावा दिया। पंडित जी और चोर दोनों ही तुरंत दूसरे क्षेत्र के लिए निकल पड़े।

रास्ते में एक नदी पड़ी। पंडित जी ने अपने शिष्य से कहा की तुम मेरे वस्त्र और यह पोटली रखो मैं नदी में स्नान  करके आता हूं।

चोर बहुत प्रसन्न हुआ वह तो इसी मौके के तलाश में था। पंडित जी जैसे ही स्नान करने के लिए नदी में अंदर गए। चोर ने चारों ओर देखा और पोटली लेकर भाग गया।

जब पंडित जी स्नान करके आए तो उन्होंने देखा कि मेरी पोटली और वस्त्र दोनों गायब हैं। पंडित जी को अब उनकी गलती का एहसास हो गया।

शिक्षा :-  हमें किसी अनजाने व्यक्ति पर विश्वास नहीं करना चाहिए।


2. सहभागिता एवं रक्षा

Short story

एक जंगल में दो मित्र थे, एक आम का पेड़ और  एक बरगद का पेड़। वे एक दूसरे के साथ दिन भर बातें करते थे।

शेर और चीते आते और उनके नीचे सोते थे। आम का पेड़ जानवरों को पसंद नहीं करता था। 

" मैं इन्हें भगा दूंगा", उसने कहा। " वे जोर से दहाड़ते और बुरी गंध फैलाते हैं।"

बरगद के पेड़ ने कहा, " ऐसा मत करो। हमें एक दूसरे की आवश्यकता है। हमें एक साथ रहना चाहिए।" लेकिन आम के पेड़ ने उसकी नहीं सुनी।

रात आम के पेड़ ने अपनी टहनियों को हिलाया और जोर जोर से शोर किया। जानवरों ने सोचा कि यह एक राक्षस था और वे भाग गए। आम का पेड़ काफी खुश था।

अगली शाम दो लकड़ी काटने वाले जंगल में आए। उन्होंने बड़ा आम का पेड़ देखा।

उनमें से एक ने कहा, " यहां पर कोई जंगली जानवर नहीं है। इसलिए इस पेड़ को काट दो।" उन्होंने आम का पेड़ काटना शुरू कर दिया।

" मैंने तुम्हें बताया था कि हमें जानवरों की आवश्यकता है और उन्हें हमारी। यह श्री की सहायता नहीं करते तो हम दुखी हो सकते हैं।" बरगद के पेड़ ने कहा।

शिक्षा :-  सहभागिता एवं रक्षा करनी चाहिए।


3. स्वयं की देखभाल ( Hindi Short Stories with Moral For Kids )

Hindi story in short

एक प्रसन्न एवं स्वस्थ जीवन जीने के लिए यह आवश्यक है कि हम लोग स्वयं अपनी देखभाल करें। हम मे सफाई की अच्छी आदतें होनी चाहिए।



हमें रोज नहाना और साफ कपड़े पहनने चाहिए। दांतो को साफ करना चाहिए अपने नाखून काटने चाहिए और अपने बालों में कंघी करनी चाहिए।



हमें हमेशा अपनी किताबों, खिलौने ,जूते और कपड़े उनके उचित स्थान पर रखना चाहिए। हमें अपनी चारों ओर चीजों को आप और स्वच्छ रखना चाहिए। हमें हमेशा कूड़ा करकट को कूड़ेदान में फेंकना चाहिए।



यह भी आवश्यक है कि साफ भोजन कराएं और साफ पानी पिए। भोजन हमेशा ढका हुआ होना चाहिए। बहुत ही हानिकारक चीजें खुले भोजन में गिर सकती हैं।



मच्छर ,मक्खियां  खुले भोजन में गिर जाते हैं, धूल भी इसमें गिर सकती है। यह सब हमें बीमार बना सकती हैं। इसलिए तश्तरीयां, गिलास, चम्मच भी साफ होने चाहिए।

शिक्षा:-  हमें स्वयं की देखभाल खुद करनी चाहिए।


4. गधा और कुत्ता

Hindi story for kids

एक धोबी के पास एक गधा और एक कुत्ता था। प्रत्येक सुबह वह नदी पर कपड़े धोने के लिए जाता था। गधा कपड़ों का भार ले जाता था। गधा मालिक के घर के बाहर छप्पर में रहता था।

कुत्ता पूरे दिन घर के अंदर रहता था। शाम को वह खुश होता था जब उसका मालिक वापस आता था। वह उसे चाटता था और उसके ऊपर कूदता था। मालिक कुत्ते को बाजू पर उठाकर घर के अंदर ले जाता था।

गधा भी घर के अंदर रहना चाहता था। " क्या मुझे भी कुत्ते की तरह उस पर कूदना चाहिए।" गधे ने स्वयं से कहा। तब वह निश्चित ही मुझे अपनी बाजू पर उठाएगा। वह निश्चित ही मुझे अपने घर में ले जाएगा।

अगली शाम,  गधा घर में गया। वह अपने मालिक पर कूदा। उसने उसे चाटना शुरू किया। मालिक ने गधे को नहीं उठाया। वह उसे छप्पर में ले गया।

" तुम कुत्ते की तरह नहीं हो।" उसने गधे को थपथपाते हुए बताया।

तुम बहुत बड़े हो। इसलिए तुम घर के अंदर नहीं आ सकते हो। तुम भारी भी हो इसलिए तुम्हें मुझ पर नहीं कूदना चाहिए। मैं कुत्ते को उठा सकता हूं लेकिन मैं तुम्हें नहीं उठा सकता हूं। मैं तुम्हें इतना प्यार करता हूं जितना कि मैं कुत्ते को प्यार करता हूं। तुम्हें समझना चाहिए कि तुम अलग हो।

5. पंडित , राक्षस और चोर ( Hindi Stories in Short )

Hindi kahani

एक बार की बात है एक गांव में एक पंडित जी थी। वह बहुत धार्मिक थे। पंडित जी ने सब कुछ त्याग कर दिया था। वह हमेशा से भगवान की भक्ति में लगे रहते थे।

एक दिन उनका एक पुराना शिष्य उनसे मिलने आया। उसने पंडित जी को देखा तो उसने कहा की पंडित जी आप अब पहले जैसे स्वस्थ नहीं हैं आप बहुत पतले हो चुके हैं। पंडित जी के शिष्य ने पंडित जी को दो गाय दे दी।

पंडित जी उन दोनों का गायों की खूब सेवा करते थे। वह उन दोनों के लिए प्रतिदिन चारा लेकर आते थे। धीरे-धीरे वह गाय बहुत मोटी और स्वस्थ हो गई।

एक दिन एक चोर की नजर उन गायों पर पड़ी। उसने उन गायों को चुराने का सोचा।

अगले दिन रात में जब चोर उन गायों को चुराने के लिए पंडित जी के घर की तरफ जा रहा था,  तभी रास्ते में उसे एक राक्षस ने पकड़ लिया।

राक्षस ने पूछा  - " तुम कहां जा रहे हो।"

चोर ने डरते हुए उत्तर दिया - " यहां पास में पंडित जी का घर है मैं वहां से गाय चुराने जा रहा हूं।"

राक्षस ने बोला - " मैं भी तुम्हारे साथ चलूंगा। तुम गाय चुरा लेना और मैं भी भूखा हूं तो मैं पंडित जी को खा लूंगा।"

दोनों चोर और राक्षस पंडित जी के घर के पास पहुंचे। दोनों ने खिड़की पर से देखा तो पंडित जी सो रहे थे। दोनों दबे पांव घर में घुस गए।

चोर बोला - "अब मैं पंडित को खाने जा रहा हूं।"

राक्षस ने कहा - " नहीं तुम गायों को चुराओ गे तो वह शोर करेंगे और पंडित तब जग जाएगा फिर मैं इसे खा नहीं पाऊंगा।"

इसी बात पर दोनों की चोर और राक्षस की बहस होने लगी। बहस को सुन कर पंडित जी उठ गए।

राक्षस ने पंडित जी को उठा हुआ देखा तो बोला पंडित जी देखिए यह आपकी गाय चुराने आया था।

चोर ने कहा देखिए पंडित जी यह आपको खाने आया था।

पंडित जी डर गए और वह भगवान का स्मरण करने लगे। वह भगवान से कहने लगे मुझे बचा लीजिए मुझे बचा लीजिए।

अचानक तेज प्रकाश हुआ और राक्षस गायब हो गया। इसके बाद वहीं पास में एक लाठी रखी थी। पंडित जी ने उसी लाठी से चोर को भगा डाला।

अगले दिन पंडित जी ने मंदिर में जाकर भगवान जी की आरती की और उन्हें बहुत धन्यवाद भी दिया।

6. ईमानदारी का परिणाम ( Short Stories In Hindi )


एक बार एक किसान था। वह एक गांव में रहता था। वह बहुत ईमानदार था। अपनी हंसीआ से फसल को काट रहा था। उस दिन बहुत गर्मी थी।



किसान को प्यास लगी और वह नदी पर पानी पीने चला गया। उसका हंसिया उसके हाथ से फिसल गया और नदी में गिर गया। किसान ने रोना शुरू किया।


नदी की देवी ने उसका रोना सुना और वह पानी से बाहर आई।

उसने किसान से पूछा - " तुम क्यों रो रहे हो?"

किसान ने बोला - " मेरा हंसिया नदी में गिर गया है।अब मैं फसल कैसे काटूंगा? मैं कैसे जिऊंगा।

नदी की देवी पानी में गई और सोने की हंसीआ के साथ बाहर आई।  देवी ने पूछा - " क्या है यह तुम्हारा हंसिया है किसान?"

किसान ने बोला - " नहीं! नहीं! यह तो मेरा हंसीया नहीं है मेरा हंसीया तो लोहे का बना हुआ है।"

नदी की देवी दुबारा पानी में गई। इस बार वह चांदी का हंसिया के साथ बाहर आयी।

देवी ने पूछा क्या यह तुम्हारा हंसिया है किसान?

किसान ने पुनः उत्तर दिया - " नहीं! नहीं! यह तो चांदी का हंसिया है। मेरा हंसिया तो लोहे का बना हुआ था।"

नदी की देवी फिर से पानी में गई। वह लोहे के हंसिया के साथ बाहर आई।

देवी ने फिर से किसान से पूछा - " क्या है यह तुम्हारा है?"

किसान न प्रसन्न होकर बोला - "हां! हां! यह मेरा है।"

देवी ने किसान से बोला - " तुम बहुत इमानदार हो। मैं तुम्हारी इमानदारी से बहुत खुश हूं। मैं तुम्हें तुम्हारे ईमानदारी के लिए इनाम भी दूंगी।"

देवी ने किसान को सोना चांदी और लोहे तीनों हंसिया  दे दिए।

किसान भी बहुत खुश हुआ और उसने आभार प्रकट किया।

Hope all of you like the above short hindi stories. That's all in this article. Meet you all again with interesting hindi stories for kids in next collection.

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