हिंदी कहानीयांं - बहादुर बंटी | Short Hindi Stories

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हिंदी कहानीयांं - बहादुर बंटी


बंटी कक्षा दो में पढ़ता था। वह एक समझदार और बहादुर लड़का था उसके खेत के पास से रेल की पटरी गुजरती थी।

 एक दिन वह अपने खेत से घर लौट रहा था। तभी उसकी नजर एक टूटी हुई रेल की पटरी पर पड़ी।

बंटी डर गया और इधर-उधर देखने लगा ताकि वह किसी व्यक्ति को इसके विषय में बता सके। लेकिन वहां कोई व्यक्ति दिखाई नहीं दिया। तभी उसे दूर से आती रेलगाड़ी की सीटी सुनाई दी।


वह चिंता में पड़ गया। अगर यह गाड़ी नहीं रुकी तो बहुत लोगों की जाने चली जाएंगी। गाड़ी धीरे धीरे उसी और बढ़ती चली जा रही थी।

तभी उसको एक उपाय सूझा। उसने जल्दी से अपना लाल कुर्ता उतारा और उसे एक डंडे से बांधकर रेलगाड़ी के तरफ जोर जोर से लहराने लगा।

रेलगाड़ी के ड्राइवर ने एक बच्चे को लाल कपड़ा लहराते हुए देख लिया उसे किसी अनजान खतरे का अहसास हो गया और गाड़ी रोक दी।

अचानक गाड़ी रुकने से रेलगाड़ी के यात्री इधर-उधर देखने लगे फिर भी जब उनको पता चला कि एक बच्चे की सूझबूझ से उनकी जान संकट में आने से बची है, तो सब उसे शाबाशी देने लगे।

विद्यालय में गणतंत्र दिवस के अवसर पर बंटी को बहादुरी के लिए स्कूल के प्रधानाचार्य द्वारा पुरस्कार दिया गया।


शिक्षा- मुसीबत के समय घबराना नहीं चाहिए और हिम्मत से काम लेना चाहिए।

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